हलवाई जैसे स्पंजी रसगुल्ले बनाने का गुप्त तरीका, अब कभी नहीं फटेंगे!

बचपन की यादों में डूबे वो सफेद, रसदार और स्पंजी रसगुल्ले भला किसे पसंद नहीं होते? अक्सर हम सोचते हैं कि घर पर रसगुल्ले बनाना बहुत मुश्किल काम है और वो हलवाई जैसे सॉफ्ट नहीं बनेंगे, लेकिन यकीन मानिए, सही तकनीक के साथ यह बेहद आसान है। आज मैं आपके साथ अपनी वो खास ट्रिक शेयर कर रही हूँ जिससे आपके रसगुल्ले न तो चाशनी में फटेंगे और न ही रबर जैसे सख्त होंगे। यह रेसिपी उन वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए भी परफेक्ट है जो शुद्धता और स्वाद से समझौता नहीं करना चाहते।

समय विवरण

तैयारी का समय: 20 मिनट

पकाने का समय: 25 मिनट

आराम/सेटिंग का समय: 360 मिनट

कुल समय: 405 मिनट

कठिनाई स्तर: मध्यम

परोसने की मात्रा: 5-6 लोग

पोषण जानकारी (अनुमानित)

कैलोरी: 110 kcal | प्रोटीन: 3g | कार्ब्स: 22g | फैट: 2.5g

बंगाली स्पंजी रसगुल्ला की सामग्री

  • 2 लीटर गाय का फुल क्रीम दूध (ताजा दूध सबसे अच्छा परिणाम देता है)
  • 3 बड़े चम्मच सफेद सिरका या नींबू का रस (छेना फाड़ने के लिए)
  • 1/2 कप पानी (सिरका मिलाने के लिए)
  • 2 कप चीनी (चाशनी के लिए)
  • 6 कप पानी (चाशनी बनाने के लिए)
  • 4-5 हरी इलायची (हल्की कूटी हुई)
  • 1 छोटा चम्मच गुलाब जल या केवड़ा जल (वैकल्पिक सुगंध के लिए)
  • 1 बड़ा चम्मच मैदा या कॉर्नफ्लोर (बाइंडिंग के लिए, हालांकि पारंपरिक रेसिपी में इसकी जरूरत नहीं होती)
  • बर्फ के टुकड़े (छेना को तुरंत ठंडा करने के लिए)

बंगाली स्पंजी रसगुल्ला बनाने की विधि

  1. सबसे पहले एक भारी तले वाले पतीले में 2 लीटर गाय का दूध लें। इसे मध्यम आंच पर गरम करें और बीच-बीच में चलाते रहें ताकि नीचे मलाई न जमे। जब दूध में एक उबाल आ जाए, तो गैस बंद कर दें। अब दूध को 2-3 मिनट के लिए ठंडा होने दें (यह बहुत जरूरी स्टेप है, उबलते दूध में सिरका डालने से छेना सख्त हो जाता है)। एक कटोरी में 3 चम्मच सिरका और आधा कप पानी मिलाएं। अब धीरे-धीरे इस मिश्रण को दूध में डालें और चम्मच से हिलाते रहें। जब दूध पूरी तरह फट जाए और हरा पानी (whey) अलग हो जाए, तो इसमें तुरंत थोड़े बर्फ के टुकड़े या ठंडा पानी डाल दें ताकि कुकिंग प्रोसेस रुक जाए और छेना सॉफ्ट बना रहे।
  2. एक बड़े बर्तन के ऊपर छलनी रखें और उस पर एक मलमल का कपड़ा (muslin cloth) बिछाएं। अब फटे हुए दूध को इसमें पलट दें। छेना को कपड़े में इकट्ठा करें और इसके ऊपर 2-3 गिलास साफ ठंडा पानी डालें। ऐसा करने से सिरके या नींबू की पूरी खटास निकल जाएगी। अब कपड़े को चारों तरफ से उठाकर हल्के हाथों से दबाते हुए अतिरिक्त पानी निकालें। ध्यान रहे, पानी पूरी तरह से नहीं निचोड़ना है, छेना में थोड़ी नमी (moisture) होनी चाहिए। अब इस पोटली को किसी हुक पर 30 से 45 मिनट के लिए लटका दें। ज्यादा देर न लटकाएं वरना छेना ड्राई हो जाएगा।
  3. अब छेना को एक बड़ी और चौड़ी प्लेट (परात) में निकालें। शुरुआत में छेना थोड़ा दानेदार होगा। अब अपनी हथेली के निचले हिस्से (heel of the palm) का इस्तेमाल करते हुए छेना को धीरे-धीरे मसलना शुरू करें। आपको इसे तब तक मसलना है जब तक कि यह एक स्मूथ और चिकने आटे (smooth dough) की तरह न हो जाए और आपकी हथेलियों पर घी न महसूस होने लगे। इसमें लगभग 8-10 मिनट का समय लगेगा। अगर आपको लगे कि छेना बहुत ज्यादा गीला है, तो आप इसमें एक छोटा चम्मच मैदा मिला सकते हैं, लेकिन हलवाई जैसा टेक्सचर चाहिए तो इसे बिना मैदा के ही अच्छे से नीट करें। जब डो पूरी तरह चिकना हो जाए, तो समझें कि यह तैयार है।
  4. तैयार छेना के डो से छोटे-छोटे और एक समान आकार के हिस्से तोड़ लें। अब एक हिस्सा उठाएं और उसे अपनी हथेलियों के बीच रखकर हल्के दबाव के साथ गोल आकार दें। ध्यान रखें कि रसगुल्ले की बॉल एकदम स्मूथ होनी चाहिए और उसमें एक भी दरार (crack) नहीं होनी चाहिए। अगर बॉल्स में दरारें हैं, तो इसका मतलब है कि छेना अभी सही से मसला नहीं गया है। रसगुल्ले पकने के बाद अपने साइज से दोगुने हो जाते हैं, इसलिए बॉल्स का साइज छोटा ही रखें (नींबू से थोड़ा छोटा)। इस मात्रा में लगभग 18-20 रसगुल्ले तैयार हो जाएंगे।
  5. एक बड़े और चौड़े प्रेशर कुकर या गहरे पतीले में 2 कप चीनी और 6 कप पानी डालें। रसगुल्ले पकाने के लिए बर्तन हमेशा बड़ा होना चाहिए क्योंकि उन्हें फूलने के लिए जगह चाहिए होती है। इसमें कूटी हुई इलायची डाल दें। आंच को तेज रखें और तब तक पकाएं जब तक चीनी पूरी तरह घुल न जाए और चाशनी में तेज उबाल न आने लगे। हमें तार वाली चाशनी नहीं बनानी है, बस एक पतली और उबलती हुई चाशनी चाहिए। जब चाशनी में बड़े-बड़े बुलबुले उठने लगें, तभी हम इसमें रसगुल्ले डालेंगे।
  6. जब चाशनी तेजी से उबल रही हो, तो एक-एक करके तैयार छेना बॉल्स को चाशनी में डालें। ध्यान रहे कि चाशनी का तापमान कम नहीं होना चाहिए, इसलिए सभी बॉल्स एक साथ न डालें। अब बर्तन को ढक्कन से ढक दें। अगर आप प्रेशर कुकर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सीटी हटा दें। इसे तेज आंच पर 5 मिनट तक पकने दें। 5 मिनट बाद ढक्कन हटाएं और हल्के हाथों से एक चम्मच की मदद से रसगुल्लों को पलट दें। अब फिर से ढक्कन लगाएं और मध्यम-तेज आंच पर अगले 10-12 मिनट तक पकने दें। आप देखेंगे कि रसगुल्ले अपने साइज से फूलकर काफी बड़े हो गए हैं।
  7. यह चेक करने के लिए कि रसगुल्ले अंदर तक पक गए हैं या नहीं, एक कटोरी में साफ पानी लें और उसमें एक रसगुल्ला डालें। अगर रसगुल्ला पानी के नीचे बैठ जाता है, तो इसका मतलब है कि वह पक चुका है। अगर वह तैरता रहता है, तो उसे 2-3 मिनट और पकाएं। पकने के बाद गैस बंद कर दें। अब इसमें 1 चम्मच गुलाब जल डालें। रसगुल्लों को तुरंत दूसरे बर्तन में न निकालें, उन्हें उसी चाशनी में कम से कम 5-6 घंटे या पूरी रात के लिए छोड़ दें। इससे वे अंदर तक चाशनी सोख लेंगे और ठंडे होने पर और भी स्पंजी हो जाएंगे।

सामान्य गलतियां

  • उबलते हुए दूध में सिरका डालना: इससे छेना रबर जैसा सख्त हो जाता है। दूध को हमेशा 2-3 मिनट ठंडा करने के बाद ही फाड़ें।
  • छेना का सारा पानी निकाल देना: अगर छेना एकदम ड्राई हो जाएगा, तो रसगुल्ले चाशनी में जाकर बिखर सकते हैं या सख्त हो सकते हैं।
  • कम देर तक मसलना: अगर छेना स्मूथ नहीं होगा, तो रसगुल्लों की सतह फटी-फटी रहेगी और वे सॉफ्ट नहीं बनेंगे।
  • छोटा बर्तन इस्तेमाल करना: रसगुल्ले पकते समय दोगुने हो जाते हैं, अगर जगह कम होगी तो वे आपस में टकराकर टूट जाएंगे या चपटे हो जाएंगे।
  • बार-बार ढक्कन खोलना: पकते समय तापमान एक समान रहना चाहिए, बार-बार ढक्कन खोलने से स्पंज खराब हो सकता है।

वेरिएशन

  • केसर रसगुल्ला: चाशनी में केसर के धागे डालें जिससे रसगुल्लों का रंग हल्का पीला और स्वाद शाही हो जाएगा।
  • नोलन गुड़ रसगुल्ला: सर्दियों में चीनी की जगह खजूर के गुड़ (Nolen Gur) का इस्तेमाल करें, यह बंगाल की बहुत प्रसिद्ध डिश है।
  • राजभोग: छेना के बीच में ड्राई फ्रूट्स की फिलिंग करें और चाशनी में थोड़ा पीला खाद्य रंग मिलाएं।
  • अंगूरी रसगुल्ला: बहुत छोटे आकार के रसगुल्ले बनाएं जिन्हें रसमलाई के साथ भी सर्व किया जा सकता है।

परोसने के सुझाव

रसगुल्लों को ठंडा-ठंडा सर्व करना सबसे अच्छा रहता है। आप इन्हें मिट्टी के बर्तन में रखकर फ्रिज में 5-6 घंटे के लिए छोड़ दें। परोसते समय ऊपर से थोड़ी ठंडी चाशनी और बारीक कटे पिस्ता से गार्निश करें। त्योहारों के समय यह मेहमानों को सर्व करने के लिए सबसे शुद्ध और बेहतरीन मिठाई है।

आपकी राय

क्या आपके रसगुल्ले भी चाशनी में जाकर पिचक जाते हैं? इस विधि को ट्राई करें और हमें कमेंट्स में बताएं कि आपका अनुभव कैसा रहा! अगर आपको यह रेसिपी पसंद आई, तो इसे स्टार रेटिंग देना न भूलें।

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