हलवाई के गुप्त तरीके से बनी ऐसी रसीली गुजिया कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे!

नमस्कार दोस्तों! त्योहारों का सीजन हो और घर में गुजिया की खुशबू न आए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। मैं आज आपके लिए लेकर आया हूँ गली-मोहल्ले के मशहूर हलवाइयों वाली मावा गुजिया की वो रेसिपी, जिसे खाकर लोग आपके हाथ चूम लेंगे। ये कोई मामूली गुजिया नहीं है, बल्कि इसमें छिपा है सालों का अनुभव और वो खास ‘मोयन’ का जादू जो इसे बाहर से खस्ता और अंदर से एकदम रसीला बनाता है। यकीन मानिए, इस तरीके से अगर आपने एक बार गुजिया बना ली, तो बाजार की मिलावटी मिठाइयां भूल जाएंगे। चलिए, कमर कस लीजिए क्योंकि आज हम रसोई में असली स्वाद का धमाका करने वाले हैं!

समय विवरण

तैयारी का समय: 40 मिनट

पकाने का समय: 50 मिनट

आराम/सेटिंग का समय: 30 मिनट

कुल समय: 120 मिनट

कठिनाई स्तर: मध्यम

परोसने की मात्रा: 6-8 लोग

पोषण जानकारी (अनुमानित)

कैलोरी: 280 kcal | प्रोटीन: 6g | कार्ब्स: 35g | फैट: 14g

मावा गुजिया रेसिपी की सामग्री

  • मैदा (All-purpose flour): 500 ग्राम (करीब 4 कप)
  • शुद्ध देसी घी (मोयन के लिए): 125 ग्राम (आधा कप)
  • ताजा मावा/खोया: 300 ग्राम (अच्छी तरह कद्दूकस किया हुआ)
  • पीसी हुई चीनी या बुरा: 200 ग्राम (स्वाद के अनुसार)
  • सूजी (Rava): 50 ग्राम (हल्की भुनी हुई, एक्स्ट्रा क्रंच के लिए)
  • सूखा नारियल (गोटा): 50 ग्राम (कद्दूकस किया हुआ)
  • हरी इलायची पाउडर: 1 छोटा चम्मच (ताजा कुटी हुई)
  • चिरौंजी: 2 बड़े चम्मच (गुजिया की जान)
  • बादाम और काजू: 50 ग्राम (बारीक कतरे हुए)
  • किशमिश: 20-25 दाने (बारीक कटी हुई)
  • दूध या पानी: आटा गूंथने के लिए (जरूरत अनुसार)
  • तलने के लिए: रिफाइंड तेल या शुद्ध देसी घी

मावा गुजिया रेसिपी बनाने की विधि

  1. सबसे पहले एक बड़े परात में 500 ग्राम मैदा छान लें। अब इसमें 125 ग्राम शुद्ध देसी घी डालें। याद रहे, घी जमा हुआ न हो, हल्का पिघला हुआ हो। अब दोनों हाथों से मैदे और घी को तब तक रगड़ें जब तक कि मैदा मुट्ठी में बांधने पर लड्डू जैसा न बनने लगे। इसे हलवाई की भाषा में ‘मोयन देना’ कहते हैं। यही वो स्टेप है जो आपकी गुजिया को खस्ता (flaky) बनाएगा। अब इसमें बिल्कुल थोड़ा-थोड़ा करके गुनगुना पानी या दूध डालें और एक सख्त (hard) आटा गूंथ लें। आटा रोटी जैसा नरम बिल्कुल नहीं होना चाहिए, वरना गुजिया नरम पड़ जाएगी। आटे को गीले सूती कपड़े से ढंककर कम से कम 30 मिनट के लिए आराम (rest) करने दें।
  2. जब तक आटा आराम कर रहा है, हम इसकी जान यानी भरावन (stuffing) तैयार करेंगे। एक भारी तले की कड़ाही में मावा डालें और धीमी आंच पर इसे लगातार चलाते हुए भूनें। मावा को तब तक भूनना है जब तक कि इसका रंग हल्का गुलाबी न हो जाए और इसमें से सोंधी सी खुशबू न आने लगे। ध्यान रहे, मावा जलना नहीं चाहिए। अब मावा को एक बड़े बर्तन में निकाल लें और पूरी तरह ठंडा होने दें। गरम मावा में चीनी कभी न डालें, वरना वो पानी छोड़ देगा। अब इसमें भुनी हुई सूजी, कद्दूकस किया नारियल, बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स, चिरौंजी, किशमिश और इलायची पाउडर मिलाएं। अंत में पिसी हुई चीनी या बुरा डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। आपका लाजवाब स्टफिंग तैयार है!
  3. अब आटे को एक बार फिर से मसल लें। इसकी छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें, जैसे हम पूरी के लिए तोड़ते हैं। एक लोई उठाएं और उसे 3-4 इंच के घेरे में पतला बेल लें। ध्यान रहे कि किनारी और बीच का हिस्सा एक समान पतला हो। अब एक गुजिया बनाने वाला सांचा (mould) लें और उसके ऊपर बेली हुई पूरी रखें। सांचे के किनारों पर उंगली से थोड़ा पानी या दूध लगाएं ताकि गुजिया तलते समय खुले नहीं। अब सांचे के एक तरफ डेढ़ से दो चम्मच भरावन भरें। ज्यादा न भरें, वरना गुजिया फट सकती है। अब सांचे को जोर से दबाएं और बाहर निकला हुआ फालतू आटा हटा दें। सावधानी से सांचा खोलें और तैयार गुजिया को एक गीले कपड़े के नीचे रखते जाएं।
  4. एक कड़ाही में घी या तेल गरम करें। यहाँ सबसे बड़ी ट्रिक है—तेल का तापमान। तेल बहुत ज्यादा गरम नहीं होना चाहिए। एक छोटा आटे का टुकड़ा डालकर देखें, अगर वो धीरे-धीरे ऊपर आ रहा है, तो तेल तैयार है। अब मध्यम-धीमी आंच पर 4-5 गुजिया एक साथ कड़ाही में डालें। इन्हें तुरंत न छुएं, जब ये तैरकर ऊपर आ जाएं तो चम्मच की मदद से बहुत ही सावधानी से पलटें। इन्हें धीमी आंच पर तब तक तलें जब तक कि इनका रंग हल्का सुनहरा (golden brown) न हो जाए। तेज आंच पर तलने से ऊपर बबल्स आ जाएंगे और अंदर से मैदा कच्चा रह जाएगा। एक बैच तलने में कम से कम 8-10 मिनट का समय लगना चाहिए।
  5. जब गुजिया सुनहरी और क्रिस्पी हो जाए, तो इसे एक जालीदार छननी पर निकालें ताकि एक्स्ट्रा तेल निकल जाए। अगर आप इसे और भी शाही बनाना चाहते हैं, तो एक तार की चाशनी बनाकर उसमें इन तली हुई गुजिया को 2 मिनट के लिए डुबोकर निकाल सकते हैं। लेकिन सूखी गुजिया का अपना अलग ही मजा है। इन्हें पूरी तरह से ठंडा होने दें। गरम गुजिया कभी भी डिब्बे में न भरें, वरना भाप से वो नरम हो जाएंगी। ठंडा होने पर ये और भी ज्यादा कुरकुरी हो जाती हैं। आपकी शानदार, हलवाई स्टाइल मावा गुजिया तैयार है!

सामान्य गलतियां

  • आटा नरम गूंथना: अगर आटा नरम होगा तो गुजिया के ऊपर पपड़ी नहीं जमेगी और वो खस्ता नहीं बनेगी।
  • गरम मावे में चीनी मिलाना: इससे भरावन गीला हो जाएगा और गुजिया तलते समय फट सकती है।
  • तेल का बहुत ज्यादा गरम होना: तेज आंच पर तलने से गुजिया पर दाने (bubbles) पड़ जाते हैं जो दिखने में अच्छे नहीं लगते।
  • किनारों को ठीक से न चिपकाना: अगर पानी लगाकर किनारों को ठीक से नहीं दबाया गया, तो पूरी कड़ाही का तेल खराब हो सकता है।

वेरिएशन

  • सूजी-मावा गुजिया: इसमें मावा और भुनी हुई सूजी का बराबर अनुपात रखा जाता है, जो इसे ज्यादा दानेदार बनाता है।
  • चॉकलेट गुजिया: बच्चों के लिए भरावन में कोको पाउडर और चोको चिप्स मिलाएं, ये आज कल बहुत ट्रेंड में है।
  • बेक्ड गुजिया: अगर आप डाइट पर हैं, तो इन्हें तलने के बजाय 180 डिग्री पर 15-20 मिनट के लिए बेक करें।
  • नारियल गुजिया: मावा की जगह सिर्फ सूखे नारियल और गुड़ का इस्तेमाल करके दक्षिण भारतीय स्टाइल ‘करंजी’ बनाएं।

परोसने के सुझाव

इन गरमा-गरम गुजिया को होली के दिन ठंडाई के साथ परोसें। आप इन्हें केसरिया रबड़ी के साथ भी सर्व कर सकते हैं, जो स्वाद को चार गुना बढ़ा देता है। इन्हें एयरटाइट डिब्बे में भरकर 15 दिनों तक आराम से खाया जा सकता है।

आपकी राय

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