ढाबे वाले की ये गुप्त ट्रिक जान लेंगे तो होटल की दाल भी फीकी लगेगी

नमस्कार! मैं एक पेशेवर शेफ के रूप में आज आपके साथ भारतीय राजमार्गों (Highways) पर मिलने वाली उस खास चना दाल तड़का की रेसिपी साझा कर रहा हूँ, जिसकी खुशबू किलोमीटर दूर से ही भूख बढ़ा देती है। अक्सर लोग घर पर दाल तो बनाते हैं, लेकिन वह ढाबे वाला सोंधापन और ‘खड़ी-खड़ी’ लेकिन मलाईदार बनावट नहीं आ पाती। इस रेसिपी में मैं आपको वे तमाम गुप्त तकनीकें बताऊंगा, जिसमें सही तापमान पर मसालों का भूनना और वह ‘डबल तड़का’ शामिल है जो इस साधारण सी दाल को शाही बना देता है।

समय विवरण

तैयारी का समय: 30 मिनट

पकाने का समय: 40 मिनट

आराम/सेटिंग का समय: 15 मिनट

कुल समय: 85 मिनट

कठिनाई स्तर: मध्यम

परोसने की मात्रा: 4-5 लोग

पोषण जानकारी (अनुमानित)

कैलोरी: 310 kcal | प्रोटीन: 14g | कार्ब्स: 42g | फैट: 11g

ढाबा स्टाइल चना दाल तड़का की सामग्री

  • 1.5 कप चना दाल (अच्छी तरह धुली और 2 घंटे भिगोई हुई)
  • 4.5 कप पानी (दाल उबालने के लिए)
  • 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर (उबालते समय)
  • 1 छोटा चम्मच नमक (स्वादानुसार)
  • 1 बड़ा चम्मच शुद्ध देसी घी (उबालते समय)
  • 2 मध्यम प्याज (बारीक कटा हुआ)
  • 3 बड़े टमाटर (बारीक कटा हुआ या प्यूरी)
  • 2 बड़े चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट (ताजा कुटा हुआ)
  • 3-4 हरी मिर्च (बीच से चीरा लगा हुआ)
  • 1/2 कप बारीक कटा हरा धनिया
  • 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल (मसाला भूनने के लिए)
  • 3 बड़े चम्मच देसी घी (तड़के के लिए)
  • 1 छोटा चम्मच जीरा
  • 1/4 छोटा चम्मच हींग (मजबूत खुशबू वाली)
  • 2 सूखी लाल मिर्च
  • 1 छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर (रंगत के लिए)
  • 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
  • 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला (होममेड हो तो बेहतर)
  • 1 बड़ा चम्मच कसूरी मेथी (हल्की भुनी हुई)
  • 1 टुकड़ा दालचीनी
  • 2-3 लौंग
  • 1 बड़ी इलायची (हल्की कुटी हुई)
  • 1 तेज पत्ता
  • कोयले का एक छोटा टुकड़ा (धुंगार/स्मोकी फ्लेवर के लिए)

ढाबा स्टाइल चना दाल तड़का बनाने की विधि

  1. सबसे पहले 1.5 कप चना दाल को कम से कम 3 से 4 बार साफ पानी से धोएं ताकि उसका सारा एक्स्ट्रा स्टार्च निकल जाए। इसके बाद इसे गुनगुने पानी में 2 घंटे के लिए भिगो कर रख दें। चना दाल अन्य दालों की तुलना में सख्त होती है, इसलिए भिगोना अनिवार्य है। भिगोने से दाल समान रूप से पकती है और उसका दाना टूटता नहीं है, बल्कि फूलकर नरम हो जाता है। 2 घंटे बाद पानी निकाल दें और दाल को एक बार फिर ताजे पानी से धो लें।
  2. एक प्रेशर कुकर में भीगी हुई दाल, 4.5 कप पानी, आधा चम्मच हल्दी, स्वादानुसार नमक और एक चम्मच देसी घी डालें। घी डालने से दाल उबलते समय कुकर की सीटी से बाहर नहीं आती और दाल के अंदर तक एक बेहतरीन स्वाद चला जाता है। इसमें एक तेज पत्ता और बड़ी इलायची भी डाल दें। अब कुकर का ढक्कन बंद करें और मध्यम आंच पर 3-4 सीटी आने तक पकाएं। ध्यान रहे, हमें दाल का ‘हलवा’ नहीं बनाना है। दाल ऐसी होनी चाहिए जो हाथ से दबाने पर पूरी तरह मैश हो जाए लेकिन दिखने में उसका दाना साबुत (Intact) रहे। कुकर की भाप अपने आप निकलने दें।
  3. एक भारी तले की कढ़ाई या हांडी में 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल गरम करें। जब तेल से धुआं निकलने लगे, तो आंच धीमी करें और इसमें जीरा, दालचीनी और लौंग डालें। अब बारीक कटा हुआ प्याज डालें और मध्यम आंच पर सुनहरा भूरा (Golden Brown) होने तक भूनें। प्याज को भूनने में जल्दबाजी न करें, क्योंकि यही दाल को मीठा और गहरा स्वाद देता है। जब प्याज भून जाए, तो इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर 2 मिनट तक भूनें जब तक कि कच्ची महक न चली जाए।
  4. अब कढ़ाई में बारीक कटे टमाटर डालें और थोड़ा सा नमक छिड़कें (याद रहे दाल में भी नमक है)। टमाटर को तब तक पकाएं जब तक वह पूरी तरह गल न जाए और तेल छोड़ने न लगे। इसी समय इसमें धनिया पाउडर, हल्दी (थोड़ी सी) और लाल मिर्च पाउडर डालें। मसालों को जलने से बचाने के लिए 2-3 चम्मच गरम पानी डालें और धीमी आंच पर भूनें। जब मसाले से जालीदार बनावट दिखने लगे और तेल किनारों पर आ जाए, तो समझ लें कि मसाला तैयार है।
  5. अब उबली हुई चना दाल को तैयार मसाले में डालें। दाल को हल्के हाथों से मिलाएं ताकि दाने टूटें नहीं। अगर दाल बहुत गाढ़ी लग रही हो, तो इसमें आवश्यकतानुसार उबलता हुआ पानी (Boiling Water) मिलाएं। कभी भी ठंडे पानी का इस्तेमाल न करें, वरना दाल और पानी अलग-अलग दिखेंगे और स्वाद खराब हो जाएगा। अब इसे ढककर धीमी आंच पर 8-10 मिनट तक पकने दें ताकि दाल मसालों के फ्लेवर को सोख ले। अंत में इसमें गरम मसाला और हाथों से क्रश की हुई कसूरी मेथी डालें।
  6. यह इस रेसिपी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक छोटे तड़का पैन में 3 चम्मच देसी घी गरम करें। आंच बंद कर दें और इसमें आधा चम्मच जीरा, 2 सूखी लाल मिर्च और चुटकी भर हींग डालें। अंत में इसमें कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर डालें और तुरंत इस तड़के को तैयार दाल के ऊपर डाल दें। तड़का डालते ही बर्तन को 2 मिनट के लिए ढक्कन से कवर कर दें ताकि घी और हींग की खुशबू दाल के अंदर समा जाए।
  7. असली ढाबा स्वाद के लिए, एक कोयले के टुकड़े को गैस पर लाल होने तक गरम करें। दाल के बीच में एक छोटी स्टील की कटोरी या फॉयल पेपर रखें। जलता हुआ कोयला उसमें रखें और ऊपर से आधा चम्मच घी डालें। जैसे ही धुआं निकलने लगे, कढ़ाई को टाइट ढक्कन से 5 मिनट के लिए बंद कर दें। यह ‘स्मोकी टच’ आपकी दाल को सीधे हाईवे के ढाबे वाला अहसास देगा। 5 मिनट बाद कोयला हटा दें और बारीक कटे हरे धनिये से गार्निश करें।

सामान्य गलतियां

  • दाल को बिना भिगोए पकाना: इससे दाल बाहर से गल जाती है लेकिन अंदर से सख्त रह जाती है।
  • ठंडे पानी का उपयोग: ग्रेवी एडजस्ट करने के लिए ठंडा पानी डालने से दाल का टेक्सचर और स्वाद बिगड़ जाता है।
  • प्याज को कम भूनना: अगर प्याज कच्चे रह गए, तो दाल में होटल जैसा गहरा रंग और सोंधापन नहीं आएगा।
  • दाल को बहुत ज्यादा मैश करना: चना दाल तड़का में दाल के दाने दिखने चाहिए, वरना वह साधारण दाल बन जाएगी।

वेरिएशन

  • चना दाल पालक: मसाला भूनते समय इसमें बारीक कटा पालक मिला दें, यह और भी पौष्टिक हो जाएगी।
  • लौकी चना दाल: उबालते समय इसमें लौकी के टुकड़े डाल दें, जो गर्मियों के लिए बेहतरीन है।
  • अदरकी तड़का: अगर आप लहसुन नहीं खाते, तो अदरक के लच्छों (Juliennes) का ज्यादा इस्तेमाल करें।

परोसने के सुझाव

इस गरमागरम ढाबा स्टाइल चना दाल तड़का को जीरा राइस, तंदूरी रोटी या लच्छा पराठा के साथ परोसें। साथ में सिरके वाले प्याज (Sirka Pyaz) और पुदीने की चटनी रखना न भूलें। ऊपर से एक नींबू का टुकड़ा निचोड़ना इसके स्वाद को दोगुना कर देता है।

आपकी राय

क्या आपने कभी घर पर ‘धुंगार’ तकनीक का इस्तेमाल किया है? हमें कमेंट में बताएं और अगर आपको यह रेसिपी पसंद आई हो तो इसे 5-स्टार रेटिंग जरूर दें!

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